सुनामी

पापा ! यह सुनामी क्या होती है ?

बेटा!

समुद्र के गहरे पानी के नीचे

आए भूकंप से उठी लहर

जो तेजी से तट की ओर

आती है और

हजारों लाखों मीलों का

इलाका डुबा देती है,

उसे सुनामी कहते हैं ।

 

पापा !

जो लहर पल भर में

लाखों बेकसूर लोगों को

अपने साथ बहा ले गयी, और

मौत की नींद सुला गयी,

उसका नाम

सुनामी कैसे हो सकता है ?

इसका नाम तो

कुनामी होना चाहिये था ।

 

अपने नाम को तो

यह तब सार्थक करती

अगर यह बहा ले जाती अपने साथ,

गरीबों की जगह गरीबी को,

बेरोजगारी को, और

देश में पनपती

वैर-वैमनस्यता की भावना को।

 

मुझे जरा भी दर्द नहीं होता

अगर यह अपने साथ

बहा ले जाती

भ्रष्टाचार के साथ भ्रष्टाचारियों को,

अत्याचार के साथ अत्याचारियों को,

और पाप के साथ पापियों को.

 

मैं इंतजार कर रहा हूं

एक ऐसी ही सुनामी का

जो पूरे देश को

अपनी चपेट में ले लेगी, और

अपने साथ बहा ले जायगी

गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और

आतंकवाद के कीड़े को ।