नया वर्ष

हर वर्ष की तरह

इस बार भी आया,

नया वर्ष !

 

नयी आशा,

नयी उमंगों और

नयी शुभकामनाओं के साथ।

 

पुरानी असफलताओं को भूल

नये जोश और

नये विश्वास के साथ

फिर जुट जाते हैं सब

नये निशानों की ओर,

हर नये वर्ष के साथ साथ।

 

 

लेकिन हर नया साल

समय के बीतने के साथ साथ

दे जाता है,

नयी मुश्किले,

नयी परेशानियाँ,

नयी विपत्तिया,

नये अपराध,

नयी आपदाएँ और

नये सवाल.

 

और इनके अलावा

हर वर्ष दे जाता है

दुनिया को

अंत में एक सुनामी।