प्याज और चुनाव

कभी सौ ग्राम से ज्यादा प्याज

न खरीदने वाले मुसद्दी लाल ने

अचानक बीस किलो

प्याज की मांग की तो

दुकानदार हैरान रह गया।

प्याज, बीस किलो और

वह भी मुसद्दी लाल ?

जरूर कुछ गडबड है!

मेहमान को तुमने कभी

भरपेट खिलाया हो

ऐसा याद नहीं पड़ता, और

अभी तुम्हारे घर

शादी होने का

सवाल नहीं उठता ।

फिर इतने प्याज का

करोगे क्या ?

क्या पाकिस्तान का

हमला होने वाला है या

प्याज का

अकाल पडने वाला है ?

मुसद्दी मुस्कराया,

 

दुकानदार की बुद्धि पर

तरस आया।

यह प्याज ही है जो

बीस हाथ दूर खडे

आदमी को पल भर

रुला सकता है,

पाँच सितारा होटलों के

खाने का

जायका बिगाड़ सकता है, और

देखते देखते

बड़ी से बड़ी सरकार

गिरा सकता है।

न तो

देश पर पाकिस्तान का

हमला होने वाला है, और

न ही यहाँ प्याज का

अकाल पडने वाला है ।

ये प्याज तो मैं इसलिये

खरीद रहा हूँ, क्योंकि

जल्दी ही देश में

चुनाव आने वाला है।