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एक क्रांति का अंत |
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पीपल के एक सूखे हुए पत्ते ने एक छोटे से पत्थर के टुकड़े की आड़ में से तूफान की हवाओं के साथ उडने से मना कर दिया ।
गुस्साई हवाओं ने |
पत्थर के टुकडे के सहित उसे उड़ा कर नीम की सड़ी हुई पत्तियों के ढ़ेर के बीचोबीच लाकर पटक दिया ।
इस तरह एक क्रांति के शुरू होने के पहले ही उसका अंत हो गया । |