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जंगल का चुनाव |
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जंगल में आजकल एक अफ़वाह फैली हुई है कि शेर शाकाहारी हो गया है ,क्योंकि जंगल में चुनाव आने वाला है। गलत है यह सब। विरोधियों की चाल है मुझे बदनाम करने की। यदि शेर घास खायेगा तो उसमें और गधे में क्या फर्क रह जायेगा ?यदि शेर कंद मूल और फल खायेगा तो उसमें और बंदर में क्या फर्क रह जायेगा ? |
मैं शेर हूँ और शेर ही रहूंगा। जी हाँ , यह सच है किमैं चुनाव में खडा हूँ। चाहे तोड़ने के लिये ही किये जाते हो वादे ,फिर भी मैं एक वादा करता हूँ आपसे। अगले पाँच वर्षों तक हर उस जीव को नहीं खाऊंगा जो मुझे वोट देकर जंगल का राजा बनने मेंमेरी मदद करेगा। |